
Satya Khabar,Bhiwani
CBI की भिवानी की टीचर मनीषा की मौत के मामले की जांच का खुलासा अभी तक नहीं कर पाई है। इस मामले में गांव ढाणी लक्ष्मण में रविवार को पंचायत होगी और एक दिन से सांकेतिक धरना दिया जाएगा, जिसमें शामिल लोग भूख हड़ताल भी करेंगे। इस धरने और भूख हड़ताल में मनीषा का परिवार भी शामिल होगा।
भिवानी के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी करीब 19 वर्षीय टीचर मनीषा मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की टीम चौथी बार भिवानी पहुंची है। मनीषा के पिता की माने तो CBI टीम ने विश्वास दिलाया है कि इस बार टीम पूरी तरह से खुलासा करने के बाद ही भिवानी से वापस जाएगी। सीबीआई की 4 सदस्यीय टीम भिवानी में है। जो भिवानी के रेस्ट हाउस में ठहरी है।
जबकि CBI की टीम शुक्रवार को गांव सिंघानी पहुंची थी। यहां पर घटनास्थल और सिंघानी बस स्टैंड तक राउंड लिया। मनीषा मौत मामले में CBI अपने स्तर पर जांच कर रही है। मनीषा के पिता संजय के अनुसार गुरुवार को CBI की टीम उनसे मिलने के लिए घर आई थी। इस दौरान कुछ पूछताछ तो नहीं की। CBI के अधिकारियों ने बातचीत की थी। CBI ने कहा कि जांच तेजी से चल रही है। जल्दी ही खुलासा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बेटी को न्याय दिलाने के लिए CBI से ही उम्मीद है। जो बेटी के दोषियों को सजा दिलाएगी।
रविवार को धरना और भूख-हड़ताल
मनीषा के पिता संजय ने कहा कि CBI जांच तेजी से की जाए और जल्दी से जल्दी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए। इसके अलावा CBI की जांच कहां तक पहुंची। यह भी स्पष्ट रूप से बताया जाए। जब भी CBI से बात की जाती है तो अधिकारी आश्वासन देते हैं कि जांच चल रही है और सही दिशा में चल रही है। संजय ने कहा कि हरियाणा सरकार CBI को कहे कि वह जांच को तेज करके दोषियों को जल्द से जल्द सबके सामने लेकर आए। साथ ही
अभी तक की जांच में क्या चल रहा है। वह भी बताया जाए। ताकि पता लग सके कि जांच सही चल रही है या नहीं। इसी मांग को लेकर 30 नवंबर को गांव में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया जाएगा। इस धरने में शामिल होने के लिए सभी लोगों को न्योता दिया गया है। लोगों को इस मामले की स्पष्ट जानकारी मिलनी चाहिए। पंचायत में फैसला हुआ था कि धरने में शामिल लोग भूख हड़ताल भी करेंगे। मनीषा का परिवार भी शामिल होगा।
क्या है मामला
भिवानी जिले के गांव ढाणी लक्ष्मण निवासी लेडी टीचर मनीषा 11 अगस्त को प्ले स्कूल में ड्यूटी पर गई थी। इसके बाद वह नर्सिंग कॉलेज में एडमिशन के लिए जाने की बात कहकर गई थी। जिसके बाद मनीषा घर नहीं लौटी। इसके बाद 13 अगस्त को मनीषा का शव गांव सिंघानी के खेतों में पड़ा हुआ मिला। इसके बाद परिवार ने हत्या का आरोप लगाया और पुलिस ने हत्या का केस दर्ज किया। लोगों ने मनीषा को न्याय दिलाने के लिए धरना प्रदर्शन किया। वहीं 18 अगस्त को पुलिस ने इसे आत्महत्या बता दिया। इसके बाद लोगों का विरोध बढ़ गया। बढ़ते आंदोलन को देखते हुए मनीषा का तीसरी बार दिल्ली एम्स में पोस्टमॉर्टम करवाया और जांच CBI को सौंप दी।
अब तक CBI ने क्या किया
CBI टीम ने इस मामले में तीन बार इससे पहले भिवानी का दौरा किया है जबकि इस दौरान उसने बार-बार दिल्ली जाकर भी जांच का काम किया है। वर्तमान में वह चौथी बार भिवानी पहुंची है। CBI टीम ने हर एंगल से इस मामले में जांच का काम किया है। उसने पीड़ित पक्ष और आरोपियों तथा इस मामले में उन लोगों से भी बात की है जिन्होंने सबसे पहले मनीषा के शव को देखा। CBI की टीम 27 अक्टूबर को भिवानी से दिल्ली लौट गई थी। इसके बाद दिल्ली में ही रहकर जांच कर रही थी। इसी बीच जब ग्रामीणों ने 30 नवंबर को गांव में धरना और सांकेतिक भूख हड़ताल का ऐलान किया तो CBI की टीम चौथी बार भिवानी पहुंची है। मनीषा के पिता और ग्रामीणों का कहना है कि सीबीआई को यह बताना चाहिए कि वह अब तक अपनी जांच में कहां तक पहुंची है।